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कुँवर सिंह की मृत्यु कैसी हुई

इस लेख में आप जानेगे कि कुँवर सिंह की मृत्यु कैसी हुई और कब हुई थी.

Kunwar singh ki mrityu kaise hui

1858 के भारतीय विद्रोह के एक बहादुर नेता कुँवर सिंह ने 26 अप्रैल 1858 को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में लगी चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गयी. कुँवर सिंह को बाबु कुँवर सिंह (Babu Kunwar Singh) के नाम से भी जाना जाता हैं.

व्याख्या:

23 अप्रैल 1858 को जगदीसपुर बिहार के पास कुंवर सिंह की लड़ी गई उनकी आखिरी लड़ाई में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के नियंत्रण वाले सैनिक पूरी तरह से हार चुके थे. 22 और 23 अप्रैल को घायल होकर उन्होंने ब्रिटिश सेना से युद्ध किया और अपनी सेना की सहायता से विजय प्राप्त किया. लड़ाई तब ख़त्म हुई जब उन्होंने जगदीसपुर किले से यूनियन जैक उतारकर अपना झंडा फहराया। वह 23 अप्रैल 1858 को अपने महल लौटे और जल्द ही 26 अप्रैल 1858 को उनकी मृत्यु हो गई.

कुंवर सिंह की मृत्यु कब हुई?

1857 की क्रान्ति के इस महान नायक कुंवर सिंह का 26 अप्रैल, 1858 को निधन हो गया. बिहार के भोजपुर में वीर बाबू कुंवर सिंह की विरासत को संजोकर रखा गया हैं.23 अप्रैल 1858 को जगदीसपुर बिहार के पास लड़ी गई उनकी आखिरी लड़ाई में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के नियंत्रण वाले सैनिक पूरी तरह से हार चुके थे

अन्य जानकारी

  • जन्म: 13 नवम्बर 1777, जगदीशपुर
  • निधन: 26 अप्रैल 1858 (उम्र 80 वर्ष), जगदीशपुर
  • माता-पिता: राजा शहाबज़ादा सिंह, रानी पंचरतन देवी
  • पूरा नाम: बाबू वीर कुँवर सिंह
  • उपनाम: वीर कुँवर सिंह
  • राष्ट्रीयता: भारतीय
  • राजवंश: उज्जयिनी राजपूत

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